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वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका का 'अनिश्चितकालीन' कब्ज़ा

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KIRTI

Jan 13, 2026 • 24 Views

वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका का 'अनिश्चितकालीन' कब्ज़ा

वेनेजुएला को लेकर अब चीजें बिल्कुल साफ होती जा रही हैं। अमेरिका का ऑयल को लेकर जो लालच (greed) है, वह अब पूरी दुनिया के सामने है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन की ओर से एक बड़ा बयान आया है कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल निर्यात (oil exports) को अनिश्चित काल (indefinitely) के लिए नियंत्रित करेगा। इसका कोई निश्चित टाइमलाइन नहीं दिया गया है, जिसका मतलब है कि यह नियंत्रण हमेशा के लिए हो सकता है।

 नियंत्रण का ढांचा और भारत पर प्रभाव

अब सवाल यह है कि यह नियंत्रण काम कैसे करेगा? अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वेनेजुएला का तेल किसे बेचा जाएगा, कैसे बेचा जाएगा और उससे आने वाला पैसा कहाँ जमा होगा, यह सब अब वाशिंगटन तय करेगा। यहाँ तक कि अमेरिका अब भारत को वेनेजुएला का तेल बेचने के लिए तैयार है, लेकिन यह पूरी तरह से अमेरिकी 'कंट्रोल फ्रेमवर्क' के तहत होगा। इसके पीछे एक बड़ी कूटनीति यह है कि भारत पर रूस से तेल न खरीदने का दबाव बनाया जा सके और तेल की बिक्री से होने वाला मुनाफा सीधे अमेरिका के पास जाए।

 रेवेन्यू और अमेरिकी कंपनियों की भूमिका

 इस पूरी प्रक्रिया में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तेल की बिक्री से मिलने वाला रेवेन्यू वेनेजुएला के अकाउंट में नहीं, बल्कि अमेरिका के खाते में होगा। अमेरिका का दावा है कि वह इस पैसे का इस्तेमाल वेनेजुएला के लोगों की भलाई के लिए करेगा, लेकिन आलोचकों का मानना है कि सारा नियंत्रण अपने पास रखकर अमेरिका केवल अपने हितों को प्राथमिकता देगा। इसके साथ ही, ट्रंप प्रशासन शेवरॉन (Chevron) और एक्जॉन मोबाइल (ExxonMobil) जैसी अमेरिकी तेल कंपनियों को वेनेजुएला के खराब हो चुके इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है ताकि वहां से अधिक तेल निकाला जा सके।

$38 ट्रिलियन का कर्ज और तेल भंडार

एक और थ्योरी यह सामने आ रही है कि क्या ट्रंप अमेरिका के ऊपर चढ़े $38 ट्रिलियन के कर्ज को वेनेजुएला के तेल से चुकाना चाहते हैं? हालांकि, वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार (लगभग 303 बिलियन बैरल) है, लेकिन उसकी सैद्धांतिक कीमत (theoretical value) लगभग $17 ट्रिलियन ही आँकी गई है। यह अमेरिका के विशाल कर्ज को पूरी तरह चुकाने के लिए पर्याप्त नहीं है, फिर भी अमेरिका इस पर अपना पूरा प्रभाव चाहता है।

 वेनेजुएला की प्रतिक्रिया और आलोचना

 वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यह सब "एनर्जी ग्रीड" (ऊर्जा का लालच) है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशीली दवाओं की तस्करी, लोकतंत्र और मानवाधिकारों की बातें केवल तेल पर कब्ज़ा करने के बहाने हैं। आलोचक इसे "ऑयल थेफ्ट" (तेल की चोरी) और "इकोनॉमिक इम्पीरियलिज्म" का नाम दे रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।

(निष्कर्ष) अंत में, स्थिति यह है कि अमेरिका वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था और राजनीति पर पूरी तरह से अपना प्रभाव (influence) बनाना चाहता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वेनेजुएला के लोग इस बाहरी नियंत्रण को स्वीकार करेंगे या यह भविष्य में एक बड़ी अस्थिरता का कारण बनेगा।

एनालॉग (Analogy): इसे इस तरह समझें जैसे कोई ताकतवर पड़ोसी आपके घर के बगीचे पर यह कहकर कब्ज़ा कर ले कि आप अपने पौधों की देखभाल ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। वह फल खुद तोड़ता है, उन्हें बाजार में बेचता है और सारा पैसा अपने पास रखता है, यह कहते हुए कि वह इस पैसे से आपके घर की मरम्मत कराएगा, जबकि हकीकत में वह अपने खुद के कर्ज चुकाने की योजना बना रहा है।

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