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क्या ट्रम्प का अगला निशाना ग्रीनलैंड है?

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SAURABH TRIPATHI

Jan 13, 2026 • 29 Views

क्या ट्रम्प का अगला निशाना ग्रीनलैंड है?

 वेनेजुएला में अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, अब दुनिया की नजरें ग्रीनलैंड पर टिकी हैं। व्हाइट हाउस के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इन अटकलों को और तेज कर दिया है कि डोनाल्ड ट्रम्प अब इस डेनिश क्षेत्र (Danish territory) को अमेरिका का हिस्सा बनाने की तैयारी कर रहे हैं,।

 व्हाइट हाउस का रहस्यमयी पोस्ट:

 हाल ही में व्हाइट हाउस ने कुछ संपादित (edited) तस्वीरें साझा कीं, जिनमें ओवल ऑफिस की खिड़कियों से ग्रीनलैंड का थूले एयर बेस (Thule Air Base) दिखाई दे रहा है,। इन तस्वीरों के साथ कैप्शन दिया गया था, "स्थिति की निगरानी के लिए टैप करें" (Tap to monitor the situation)। इन तस्वीरों में ट्रम्प को ग्रीनलैंड की ओर चलते हुए दिखाया गया है, जो सीधे तौर पर इस क्षेत्र पर नियंत्रण करने की भविष्य की योजना का संकेत देते हैं।

 ट्रम्प का तर्क और रूस-चीन का डर :

 ट्रम्प का दावा है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड बेहद आवश्यक है। उन्होंने तर्क दिया है कि यदि अमेरिका ने इसे नहीं लिया, तो रूस या चीन इस पर कब्जा कर सकते हैं। ट्रम्प के अनुसार, यह क्षेत्र पहले से ही "रूसी और चीनी जहाजों से भरा हुआ है"। ग्रीनलैंड की अपनी रक्षा प्रणाली का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ की सुरक्षा में केवल "दो डॉग स्लेड्स" (two dog sleds) तैनात हैं।

 डेनमार्क और ग्रीनलैंड का कड़ा विरोध :

 हालांकि, डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने अमेरिका से "धमकी देना बंद करने" का आग्रह किया है और स्पष्ट किया है कि अमेरिका को किसी भी राष्ट्र पर कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री और वहां के राजनीतिक दलों ने एक संयुक्त बयान में कहा है, "हम अमेरिकी नहीं बनना चाहते"

 “आसान तरीका या कठिन तरीका” : 

इस कड़े विरोध के बावजूद, ट्रम्प पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने घोषणा की है कि अमेरिका ग्रीनलैंड के साथ सौदा करेगा, चाहे वह "आसान तरीके से हो या कठिन तरीके से" (easy way or the hard way),। उन्होंने डेनमार्क के ग्रीनलैंड पर ऐतिहासिक स्वामित्व को यह कहते हुए चुनौती दी कि 500 साल पहले वहां नाव उतारने का मतलब यह नहीं है कि वे आज भी उस जमीन के मालिक हैं।

 ग्रीनलैंड इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

 आखिर ग्रीनलैंड के लिए इतनी जिद क्यों? इसके पीछे बड़े रणनीतिक और आर्थिक कारण हैं।

  • इसे आर्कटिक में एक "विशाल स्थिर विमान वाहक" (giant stationary aircraft carrier) माना जाता है।
  • यहाँ दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (rare earth elements) का भारी भंडार है।
  • दुनिया का लगभग 20% ताज़ा पानी ग्रीनलैंड की बर्फ की चादरों में जमा है।

(निष्कर्ष) एंकर: क्या अमेरिका वाकई ग्रीनलैंड पर सैन्य विकल्प का इस्तेमाल करेगा? नाटो (NATO) और यूरोपीय देशों ने पहले ही इस पर चिंता जताई है,। आने वाला समय बताएगा कि ट्रम्प की यह "ग्रीनलैंड महत्वाकांक्षा" क्या मोड़ लेती है।

एनालॉजी (Analogy): ग्रीनलैंड की स्थिति को एक ऐसे रणनीतिक शतरंज के बोर्ड के कोने की तरह समझा जा सकता है, जो न केवल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि जिसके नीचे बेशकीमती खजाना भी छिपा है। ट्रम्प इसे खेल जीतने के लिए अपनी टीम में शामिल करना चाहते हैं, जबकि बोर्ड का वर्तमान मालिक उसे छोड़ने को तैयार नहीं है।

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