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बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

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SAURABH TRIPATHI

Jan 18, 2026 • 32 Views

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला गाजीपुर जिले से सामने आया है, जहाँ एक हिंदू मिठाई की दुकान के मालिक की बेरहमी से हत्या कर दी गई है।

गाजीपुर के बरानगर रोड पर स्थित 'बैशाखी स्वीटमीट एंड होटल' के मालिक, 55 वर्षीय लिटन चंद्र घोष, जिन्हें काली के नाम से भी जाना जाता था, अपनी जान गंवा बैठे। जानकारी के अनुसार, दुकान में घुसने वाले 28 वर्षीय मासूम मियां और 17 वर्षीय कर्मचारी अनंत दास के बीच मामूली बात पर विवाद शुरू हुआ था। जब लिटन घोष ने अपने कर्मचारी को बचाने और स्थिति को शांत करने के लिए हस्तक्षेप किया, तो उन पर फावड़े (shovel) से हमला किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मासूम मियां सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

 यह दुखद घटना उसी दिन हुई जब एक और हिंदू व्यक्ति, रिपन साहा, की कथित तौर पर एक पेट्रोल पंप पर गाड़ी के नीचे कुचलकर हत्या कर दी गई थी। राइट्स एंड रिस्क एनालिसिस ग्रुप (RRAG) की रिपोर्ट के अनुसार, 1 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच बांग्लादेश में कम से कम 15 हिंदू अल्पसंख्यकों की हत्या की जा चुकी है।

रिपोर्टर (पिछले हमलों का जिक्र):

 हिंसा की यह लहर 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की लिंचिंग और उन्हें सार्वजनिक रूप से जलाए जाने के साथ शुरू हुई थी। इसके बाद सरत चक्रवर्ती मणि, समीर दास और खोकन चंद्र दास जैसे कई हिंदुओं को निशाना बनाया गया है। यहाँ तक कि जनवरी के पहले सप्ताह में एक हिंदू राजनेता और एक समाचार पत्र के संपादक राणा प्रताप बैरागी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।

 इन घटनाओं पर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत के विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। हालांकि, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने इन चिंताओं को "अतिशयोक्ति" और भारत का "पक्षपात" बताते हुए खारिज कर दिया है और इन्हें 'छिटपुट घटनाएं' करार दिया है।

बांग्लादेश दक्षिण एशिया में स्थित एक देश है, जो भारत के पूर्व में और म्यांमार के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। यह देश अपनी संस्कृति, इतिहास, नदियों और घनी आबादी के लिए जाना जाता है।

भौगोलिक स्थिति :

राजधानी: ढाका

सीमा: भारत और म्यांमार

प्रमुख नदियाँ: गंगा (पद्मा), ब्रह्मपुत्र (जमुना), मेघना

भू-आकृति: मुख्यतः समतल और नदीय मैदान

इतिहास :

1947 में ब्रिटिश भारत के विभाजन के बाद यह पूर्वी पाकिस्तान बना

1971 में भारत की सहायता से स्वतंत्रता संग्राम

1971 में बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र बना

शेख मुजीबुर रहमान को राष्ट्रपिता कहा जाता है

जनसंख्या: लगभग 17 करोड़

भाषा: बांग्ला (बंगाली)

धर्म:

इस्लाम – बहुसंख्यक

हिंदू, बौद्ध और ईसाई – अल्पसंख्यक समुदाय

अब सवाल यह उठता है कि क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को वह सुरक्षा मिल पाएगी जिसका वादा वहां की सरकार कर रही है?

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