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इल्लियाँ (Caterpillars) सुनने के लिए अपने शरीर पर मौजूद बहुत बारीक बालों का उपयोग करती हैं।

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SAURABH TRIPATHI

Feb 01, 2026 • 30 Views

इल्लियाँ (Caterpillars) सुनने के लिए अपने शरीर पर मौजूद बहुत बारीक बालों का उपयोग करती हैं।

इल्लियाँ (Caterpillars) सुनने के लिए अपने शरीर पर मौजूद बहुत बारीक बालों का उपयोग करती हैं। बिंघमटन यूनिवर्सिटी (Binghamton University) के शोधकर्ताओं, जिनमें जीवविज्ञानी कैरल माइल्स और मैकेनिकल इंजीनियर रोनाल्ड माइल्स शामिल हैं, ने पाया कि टोबैको हॉर्नवर्म (tobacco hornworm) नाम की इल्लियाँ हवा में मौजूद आवाजों के प्रति अविश्वसनीय रूप से संवेदनशील होती हैं।

इस शोध के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • एनेकोइक चैंबर में परीक्षण: 
  • शोध दल ने इल्लियों का अध्ययन दुनिया के सबसे शांत कमरों में से एक, एनेकोइक चैंबर (anechoic chamber) में किया। इस शांत वातावरण में वे हवा से आने वाली ध्वनि और सतह के कंपन को अलग-अलग करके उनके प्रभाव की जांच कर सके।
  • हवा की ध्वनि बनाम कंपन: 
  • शोध में पाया गया कि इल्लियाँ सतह के कंपन (जिसे वे अपने पैरों से महसूस करती हैं) की तुलना में हवा के जरिए आने वाली आवाजों पर 10 से 100 गुना अधिक तीव्रता से प्रतिक्रिया देती हैं।
  • सुनने की प्रक्रिया:
  •  इल्लियों के पेट (abdomen) और वक्ष (thorax) पर बारीक बाल होते हैं जो हवा की गति के माध्यम से ध्वनि का पता लगाते हैं। जब प्रयोग के दौरान इन बालों को हटाया गया, तो इल्लियों की सुनने की संवेदनशीलता कम हो गई।
  • अस्तित्व के लिए महत्व:
  •  वैज्ञानिकों का मानना है कि इल्लियों के सुनने की यह क्षमता शिकारी ततैया (predatory wasps) के पंखों की आवाज को पहचानने के लिए विकसित हुई है, जिससे उन्हें खुद को बचाने में मदद मिलती है।
  • तकनीकी प्रेरणा: 
  • इल्लियों की यह सुनने की क्षमता अगली पीढ़ी के माइक्रोफोन (next-gen microphones) बनाने के लिए प्रेरणा बन सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जानवरों द्वारा ध्वनि का पता लगाने के तरीकों को सीखकर हम बेहतर ध्वनि-तकनीक विकसित कर सकते हैं।

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