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करीब 31 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में डुबकी

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NEELU TRIPATHI

Jan 05, 2026 • 13 Views

करीब 31 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में डुबकी

प्रयागराज माघ मेला - आस्था और सुरक्षा का संगम

संगम तट का दृश्य, भारी भीड़ और साधु-संतों का आगमन)

 प्रयागराज की पावन धरती पर माघ मेले का आगाज़ हो चुका है और पहले ही दिन संगम की रेती पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। पौष पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर सुबह 7 बजे तक करीब 31 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। इस बार उत्तर प्रदेश सरकार माघ मेले को 'मिनी कुंभ' के भव्य रूप में आयोजित कर रही है।

 स्नान करते श्रद्धालु और किन्नर अखाड़े का दृश्य

मेले के पहले दिन विशेष आकर्षण किन्नर अखाड़ा रहा, जहाँ महामंडलेश्वर के नेतृत्व में किन्नरों ने त्रिशूल लहराकर गंगा में स्नान किया,। इसके साथ ही आज से कल्पवास की भी शुरुआत हो गई है, जिसमें श्रद्धालु अगले 45 दिनों तक गंगा तट पर रहकर कठिन नियमों के साथ पूजा-अर्चना करेंगे। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है,।

 टूटी हुई पुलिया और प्रशासन की चुनौती

हालांकि, पहले ही दिन प्रशासन को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अक्षयवट मार्ग पर बसना नाले पर बनी एक पुलिया पानी के तेज बहाव में बह गई, जिससे रास्ते में रुकावट आई और कई श्रद्धालु बीच में ही फंस गए,। इसके अलावा, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो फर्जी बाबाओं को भी पकड़ा है, जिनके पास से नकली नोट और फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और तकनीक

सुरक्षा के मोर्चे पर प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 10,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) तकनीक से लैस सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है, और सुरक्षा के लिए ATS व NIA के कमांडो भी मुस्तैद हैं।

 मेला क्षेत्र का विस्तार और सुविधाएँ

यह मेला लगभग 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और 15 फरवरी तक चलेगा,। प्रशासन ने महिलाओं की सुविधा के लिए 8 किमी लंबे स्नान घाटों पर चेंजिंग रूम की व्यवस्था की है। यातायात प्रबंधन के लिए संगम क्षेत्र में केवल प्रशासनिक और चिकित्सा वाहनों के प्रवेश की अनुमति दी गई है।

 

 प्रयागराज से आस्था के इस महापर्व की रिपोर्ट।

एनालॉजी (Analogy): 

माघ मेला एक विशाल आध्यात्मिक प्रयोगशाला की तरह है, जहाँ कल्पवासी और श्रद्धालु आधुनिक सुरक्षा (AI और CCTV) के साये में अपनी सदियों पुरानी परंपराओं और विश्वास का परीक्षण करते हैं, और कड़ाके की ठंड के बीच भी अपनी आस्था की अग्नि को प्रज्वलित रखते हैं।

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