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चॉकलेट सफेद क्यों हो जाती है?

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SAURABH TRIPATHI

Jan 22, 2026 • 35 Views

चॉकलेट सफेद क्यों हो जाती है?

मेजबान (Host): एक जिज्ञासु व्यक्ति।

  • विशेषज्ञ (Expert): एक खाद्य वैज्ञानिक (Food Scientist)।

 एक रसोईघर (मेजबान एक चॉकलेट बार खोलता है और उस पर सफेद धब्बे देखकर चौंक जाता है)

मेजबान: अरे नहीं! मेरी पसंदीदा चॉकलेट खराब हो गई है। देखो, इस पर सफेद फफूंद (mold) लग गई है। इसे फेंकना पड़ेगा।

विशेषज्ञ: रुको! घबराने की जरूरत नहीं है। यह फफूंद नहीं है। विज्ञान की भाषा में इसे 'चॉकलेट ब्लूम' (Chocolate Bloom) कहते हैं।

मेजबान: चॉकलेट ब्लूम? क्या यह खाने के लिए सुरक्षित है?

विशेषज्ञ: हाँ, यह पूरी तरह से सुरक्षित है, बस इसकी चमक कम हो गई है। दरअसल, चॉकलेट के अंदर मौजूद अणु (molecules) अपनी जगह बदल लेते हैं, जिससे यह सफेद दिखने लगती है।

 

विशेषज्ञ: चॉकलेट असल में कोको के कणों, चीनी के क्रिस्टल और कोको बटर (cocoa butter) का मिश्रण होती है। जब ये चीजें अपनी जगह से हिलती हैं, तो 'ब्लूम' होता है। यह दो तरह का होता है।

मेजबान: दो तरह का? वो कौन से हैं?

विशेषज्ञ:

  1. शुगर ब्लूम (Sugar Bloom):
  2.  जब आप फ्रिज से ठंडी चॉकलेट निकालकर बाहर रखते हैं, तो नमी उस पर जम जाती है। यह नमी चीनी को घोल देती है और जब पानी सूखता है, तो चीनी के छोटे क्रिस्टल सतह पर सफेद पाउडर की तरह रह जाते हैं।
  3. फैट ब्लूम (Fat Bloom): यह तब होता है जब चॉकलेट गरम हो जाती है (जैसे कार में रखी चॉकलेट)। इसके अंदर का कोको बटर अपना आकार बदल लेता है। कोको बटर में छह अलग-अलग क्रिस्टल आकार होते हैं, जिन्हें 'पॉलीमॉर्फ्स' (polymorphs) कहा जाता है।

 विज्ञान की गहराई

विशेषज्ञ: चॉकलेट बनाने वाले 'फॉर्म V' (Form V) चाहते हैं क्योंकि यह चमक और स्वाद देता है। लेकिन गर्मी की वजह से यह 'फॉर्म VI' (Form VI) में बदल जाता है, जो प्रकाश को परावर्तित (reflect) करने के बजाय बिखेर देता है, जिससे चॉकलेट सफेद और धुंधली दिखने लगती है।

मेजबान: तो मैं इसे कैसे रोक सकता हूँ?

विशेषज्ञ: चॉकलेट को 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर रखना सबसे अच्छा है। अगर फ्रिज में रखना हो, तो उसे अच्छी तरह लपेटकर रखें और बाहर निकालने के बाद कमरे के तापमान पर आने के बाद ही खोलें।

मेजबान: समझ गया! तो यह खराब नहीं है, बस इसके अणुओं ने अपनी जगह बदल ली है।

विशेषज्ञ: बिल्कुल! अगर चॉकलेट बहुत पुरानी न हो और सूखी न पड़ी हो, तो इसका स्वाद बिल्कुल ठीक रहेगा।

चॉकलेट खाने के फायदे :

 

1. मूड बेहतर बनाती है
डार्क चॉकलेट खाने से “हैप्पी हार्मोन” (सेरोटोनिन और एंडोर्फिन) बढ़ते हैं, जिससे तनाव और उदासी कम होती है।

2. दिल के लिए फायदेमंद 
डार्क चॉकलेट में मौजूद फ्लेवोनॉयड्स ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और हार्ट हेल्थ सुधारने में मदद करते हैं।

3. दिमाग की शक्ति बढ़ाती है 
चॉकलेट याददाश्त, फोकस और ब्रेन फंक्शन को बेहतर बनाती है, खासकर डार्क चॉकलेट।

4. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
डार्क चॉकलेट में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं।

5. एनर्जी बढ़ाती है
चॉकलेट में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और कैफीन थोड़ी ऊर्जा देने में मदद करते हैं।

6. त्वचा के लिए लाभकारी
डार्क चॉकलेट त्वचा को धूप से होने वाले नुकसान से बचाने और स्किन को ग्लोइंग बनाने में सहायक है।

7. आयरन और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत
यह खून की कमी (एनीमिया) और मांसपेशियों की कमजोरी में मददगार हो सकती है।

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सबसे ज्यादा फायदे डार्क चॉकलेट (70%+ कोको) से मिलते हैं

निष्कर्ष: मेजबान: अगली बार जब आप चॉकलेट पर सफेद परत देखें, तो डरो मत, वह बस विज्ञान का करिश्मा है!

(दोनों मुस्कुराते हैं और चॉकलेट का आनंद लेते हैं)

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AsmuitQ Dec 27

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