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ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने ईरान की सरकार द्वारा की जा रही इस 'घिनौनी दमनकारी' (sickening repression) नीति की कड़े शब्दों में निंदा की है

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SAURABH TRIPATHI

Jan 14, 2026 • 22 Views

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने ईरान की सरकार द्वारा की जा रही इस 'घिनौनी दमनकारी' (sickening repression) नीति की कड़े शब्दों में निंदा की है

आज की बड़ी खबर ईरान से आ रही है, जहाँ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हो रही हिंसक कार्रवाई ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने ईरान की सरकार द्वारा की जा रही इस 'घिनौनी दमनकारी' (sickening repression) नीति की कड़े शब्दों में निंदा की है। स्टार्मर ने संसद में कहा कि ईरानी शासन की क्रूरता और वहां के लोगों के साहस के बीच का अंतर अब साफ दिखाई दे रहा है।

रिपोर्टर : ब्रिटेन अब चुप बैठने के मूड में नहीं है। प्रधान मंत्री के अनुसार, यूके अपने सहयोगियों के साथ मिलकर तेहरान पर नए प्रतिबंध (sanctions) लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही, ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट के जरिए आवाज़ दबाने की कोशिशों को नाकाम करने के लिए फ्रांस एक बड़ा कदम उठा सकता है। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने संकेत दिए हैं कि वे ईरान में इंटरनेट सेवाएं बहाल करने के लिए Eutelsat सैटेलाइट टर्मिनल भेजने पर विचार कर रहे हैं।

न्यूज़ एंकर: स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई है कि अब सैन्य हस्तक्षेप की आहट भी सुनाई दे रही है। खबरों के अनुसार, अगले 24 घंटों में अमेरिका द्वारा सैन्य हस्तक्षेप की संभावना जताई जा रही है। अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब में अपने नागरिकों को सैन्य ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी है। इसी बीच, भारत ने भी बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए अपने सभी नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्टर: यूरोप में भी गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बर्लिन में प्रदर्शनकारियों ने ईरानी दूतावास में घुसकर वहां का झंडा नीचे गिरा दिया। ईरान के भीतर हालात बेकाबू होते जा रहे हैं, जहाँ 1979 के बाद की यह सबसे बड़ी क्रांति बताई जा रही है। क्या अंतरराष्ट्रीय दबाव और नए प्रतिबंध ईरान को झुकने पर मजबूर कर पाएंगे? यह देखना अभी बाकी है।"

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