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AI 'सुनामी' में नौकरियों का भविष्य: दावोस से एक चेतावनी

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SAURABH TRIPATHI

Jan 23, 2026 • 30 Views

AI 'सुनामी' में नौकरियों का भविष्य: दावोस से एक चेतावनी

 वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (Davos 2026) के अंतिम दिन, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) की तुलना एक 'सुनामी' से की है जो वैश्विक श्रम बाजार से टकराने वाली है।

प्रमुख बिंदु:

  • नौकरियों पर प्रभाव: 
  • जॉर्जीवा के अनुसार, विकसित अर्थव्यवस्थाओं (advanced economies) में 60% नौकरियां AI से प्रभावित होंगी। वैश्विक स्तर पर, यह आंकड़ा लगभग 40% रहने की उम्मीद है। जहाँ कुछ नौकरियां AI की मदद से बेहतर होंगी, वहीं कई पूरी तरह समाप्त या बदल दी जाएंगी।

AI का नौकरियों पर प्रभाव (AI Effect on Jobs) :

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेज़ी से दुनिया को बदल रहा है। इसका सीधा असर नौकरियों और काम करने के तरीकों पर पड़ रहा है।

कुछ नौकरियाँ खत्म होने की आशंका

AI और ऑटोमेशन की वजह से रिपीट होने वाले काम खतरे में हैं, जैसे:

डाटा एंट्री

कॉल सेंटर जॉब्स

फैक्ट्री में मैनुअल काम

अकाउंटिंग के बेसिक टास्क

👉 मशीनें ये काम इंसानों से तेज़ और सस्ते में कर सकती हैं।

  • युवाओं और मध्यम वर्ग पर खतरा:
  •  शोध का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि युवा लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे क्योंकि AI उन प्रवेश स्तर (entry-level) की भूमिकाओं को खत्म कर देगा जिन्हें पारंपरिक रूप से युवा संभालते हैं। इसके साथ ही, मध्यम वर्ग (middle class) के वेतन और नौकरियों पर भी दबाव बढ़ेगा।
  • सुरक्षा और नियमन की कमी: जॉर्जीवा का सबसे बड़ा डर यह है कि AI का नियमन (regulation) पर्याप्त नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, "जाग जाइए, AI हकीकत है और यह हमारी समझ से कहीं अधिक तेजी से दुनिया को बदल रहा है"।
  • वैश्विक असमानता: 
  • यूरोपियन सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड ने भी चेतावनी दी कि अमीर और गरीब देशों के बीच असमानता (inequality) और गहरी होती जा रही है। उन्होंने देशों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया क्योंकि AI के लिए भारी पूंजी और डेटा की जरूरत होती है।
  • सामाजिक अनुमति: 
  • माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने भी आगाह किया कि यदि AI का लाभ केवल कुछ बड़ी टेक कंपनियों तक ही सीमित रहा, तो यह अपनी 'सामाजिक अनुमति' (social permission) खो सकता है।

नई नौकरियाँ भी पैदा हो रही हैं

AI सिर्फ नौकरियाँ खत्म नहीं कर रहा, बल्कि नई नौकरियाँ भी बना रहा है, जैसे:

AI इंजीनियर

डेटा साइंटिस्ट

मशीन लर्निंग एक्सपर्ट

साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट

AI ट्रेनर और कंटेंट मॉडरेटर

निष्कर्ष: 

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दुनिया ने मिलकर नए नियम नहीं बनाए, तो हम एक मुश्किल स्थिति में फंस सकते हैं। AI का भविष्य समावेशी और सुरक्षित होना चाहिए, न कि केवल प्रभावशाली।

 

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