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जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव बढ़ता जा रहा है, जहाँ पिछले कुछ दिनों में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन्स की सक्रियता काफी बढ़ गई है

K

KIRTI

Jan 14, 2026 • 29 Views

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव बढ़ता जा रहा है, जहाँ पिछले कुछ दिनों में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन्स की सक्रियता काफी बढ़ गई है

सीमा पर ड्रोन का खतरा और भारतीय सेना की कार्रवाई

 जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव बढ़ता जा रहा है, जहाँ पिछले कुछ दिनों में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन्स की सक्रियता काफी बढ़ गई है।

 राजौरी की घटना

 मंगलवार शाम को राजौरी सेक्टर में LoC के पास दो संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए। रक्षा सूत्रों के अनुसार, पहली बार शाम करीब 7 बजे चिंगुस इलाके के डुंगा गाला में ड्रोन ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की। जैसे ही भारतीय सेना ने अपना एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किया, वे गायब हो गए। इसके बाद शाम 7:35 बजे धरि धरा गांव में फिर से दो ड्रोन जैसी वस्तुएं देखी गईं, जिस पर भारतीय जवानों ने कई राउंड फायरिंग की और ड्रोन वापस पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की ओर भाग गए।

 लगातार बढ़ती घटनाएं

 यह बीते तीन दिनों में दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले 11 जनवरी को भी सांबा, राजौरी और पुंछ सेक्टर में एक साथ 5 ड्रोन देखे गए थे।

  • राजौरी के नौशेरा सेक्टर में जवानों ने मशीन गन से फायरिंग कर ड्रोन को खदेड़ा था।
  • 9 जनवरी को सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों की एक खेप भी बरामद हुई थी, जिसमें 2 पिस्तौल, मैगजीन और ग्रेनेड शामिल थे।

 सुरक्षा एजेंसियों का अलर्ट और ऑपरेशन सिंदूर)

 गणतंत्र दिवस को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अधिकारियों को आशंका है कि इन ड्रोन्स का उपयोग हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी या भारतीय सेना की पोजीशन जानने के लिए किया जा रहा है।

इसी बीच, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी भी जारी है। आपको बता दें कि यह ऑपरेशन 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसके तहत PoK और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया था।

(निष्कर्ष/क्लोजिंग) सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं और भारत किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीमा पर निगरानी और चौकसी को पहले से कहीं अधिक बढ़ा दिया गया है।

धन्यवाद।

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