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शशि थरूर और कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरियां?

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SAURABH TRIPATHI

Jan 24, 2026 • 38 Views

शशि थरूर और कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरियां?

 कांग्रेस पार्टी के भीतर एक बार फिर खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं। केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए दिल्ली में बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक से तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर नदारद रहे,। हैरानी की बात यह है कि उसी समय थरूर अपने निर्वाचन क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे,।

 जी बिल्कुल, दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान द्वारा बुलाई गई इस बैठक का उद्देश्य केरल चुनावों की रणनीति बनाना था, लेकिन थरूर ने वहां जाने के बजाय पीएम मोदी के मेगा रोड शो और रैली में रहना बेहतर समझा,। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि थरूर ने पहले ही आलाकमान से अनुमति ले ली थी ताकि वे अपने क्षेत्र के विकास कार्यों और पीएम के कार्यक्रम में शामिल हो सकें,।

 लेकिन चर्चाएं तो कुछ और ही कह रही हैं। क्या यह सच है कि थरूर राहुल गांधी से नाराज हैं?

 सूत्रों की मानें तो थरूर को कोच्चि की महापंचायत में हुए प्रोटोकॉल के उल्लंघन और बैठने की व्यवस्था को लेकर अपना अपमान महसूस हुआ था,। उस कार्यक्रम में राहुल गांधी भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने अपने भाषण में शशि थरूर के नाम तक का जिक्र नहीं किया। इस बीच, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि केरल के सभी बड़े नेता दिल्ली की बैठक में हैं और जो 'महत्वपूर्ण' नहीं हैं, उनके आने-न आने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

 

 दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री ने भी केरल में कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया है?

जी हां, प्रधानमंत्री ने तिरुवनंतपुरम में अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई और पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) के लाभार्थियों को ऋण वितरित किए। रैली में पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस और वामपंथियों दोनों पर निशाना साधा और 'विकसित केरलम' के लिए एनडीए (NDA) सरकार को मौका देने की अपील की।

 

शशि थरूर: राजनीतिक परिचय

शशि थरूर भारत के प्रमुख राजनेता, लेखक और पूर्व राजनयिक हैं। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress पार्टी) के वरिष्ठ नेता हैं और केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद हैं।

 राजनीतिक सफर :

शशि थरूर ने राजनीति में आने से पहले संयुक्त राष्ट्र (UN) में लंबा कार्यकाल निभाया

2009 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव जीता

तब से वे लगातार सांसद चुने जा रहे हैं

 पद और जिम्मेदारियाँ :

पूर्व केंद्रीय मंत्री (मानव संसाधन विकास व विदेश राज्य मंत्री)

वर्तमान में संसदीय स्थायी समितियों में सक्रिय भूमिका

विदेश नीति, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर मुखर आवाज़

राजनीतिक विचारधारा :

उदारवादी (Liberal) और लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थक

धर्मनिरपेक्षता, विविधता और संविधान की मजबूती पर ज़ोर

भारत की विदेश नीति और वैश्विक छवि पर खुलकर राय रखते हैं

 राजनीतिक पहचान :

अपनी बेहतर अंग्रेज़ी, तीखे भाषण और तर्कशक्ति के लिए मशहूर

सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय

सरकार की नीतियों की आलोचना तथ्यों और भाषा की मर्यादा में करते हैं

 

धन्यवाद। तो क्या शशि थरूर की यह 'अनुमति' वाली अनुपस्थिति वास्तव में प्रोटोकॉल के अपमान का नतीजा है या महज एक संयोग? कांग्रेस ने फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है,।

 

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