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क्या ट्रंप अनजाने में चीन को महान बना रहे हैं?

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SAURABH TRIPATHI

Jan 18, 2026 • 20 Views

क्या ट्रंप अनजाने में चीन को महान बना रहे हैं?

 आज के समय में पश्चिमी मीडिया और वैश्विक सर्वे एक चौंकाने वाली बात कह रहे हैं। जहाँ डोनाल्ड ट्रंप का नारा 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) था, वहीं अब यह कहा जा रहा है कि ट्रंप असल में चीन को महान बना रहे हैं। दुनिया भर के कई देश अब अमेरिका की तुलना में चीन पर अधिक भरोसा करने लगे हैं। स्पेनिश में एक शब्द प्रचलित हो रहा है—"ग्रासियास मागा" (Gracias MAGA), जिसका अर्थ है "शुक्रिया ट्रंप", क्योंकि उनकी नीतियों के कारण दुनिया चीन की ओर आकर्षित हो रही है।

 कनाडा और चीन की मेगा डील :

 सबसे बड़ा झटका तब लगा जब कनाडा, जिसके रिश्ते चीन के साथ बहुत खराब थे, उसने चीन के साथ 1 बिलियन डॉलर की व्यापारिक डील साइन कर ली। कनाडा के नेतृत्व का मानना है कि चीन, अमेरिका की तुलना में एक अधिक 'प्रेडिक्टेबल' (अनुमानित) सहयोगी है। ट्रंप की विदेश नीति में स्थिरता की कमी है; वे कभी किसी देश को मित्र बताते हैं तो कभी शत्रु, जिससे दुनिया के परिपक्व नेता असहज महसूस करते हैं। ट्रंप द्वारा अन्य वैश्विक नेताओं, जैसे इमैनुएल मैक्रों, का मज़ाक उड़ाना अमेरिका की छवि को एक 'अनप्रेडिक्टेबल' देश के रूप में पेश कर रहा है।

 अमेरिका की प्रतिक्रिया और मोनरो डॉक्ट्रिन :

 इस डील से अमेरिका में काफी गुस्सा है। ट्रंप के करीबी स्टीव बैनन ने यहाँ तक कह दिया कि कनाडा के नेता अमेरिका के दुश्मन हैं। अमेरिकी सोशल मीडिया पर कनाडा को 'मोनरो डॉक्ट्रिन' (Monroe Doctrine) की धमकी दी जा रही है। 1823 में जेम्स मोनरो द्वारा तैयार की गई यह डॉक्ट्रिन कहती है कि पश्चिमी गोलार्ध (Western Hemisphere) अमेरिका का प्रभाव क्षेत्र है और यहाँ किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमेरिका कनाडा को अपना '51वां राज्य' जैसा मानता है, जिससे कनाडाई जनता के मन में अमेरिका की छवि खराब हुई है।

 चीन की कूटनीति और वैश्विक बदलाव :

 जहाँ ट्रंप कनाडा को दबाने की कोशिश करते दिखे, वहीं चीन ने उन्हें सम्मान और 'विन-विन कोपरेशन' का संदेश दिया है। कनाडा अब नई वैश्विक वास्तविकताओं को स्वीकार कर रहा है जहाँ चीन स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करने वाला भागीदार बनता दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 तक अमेरिका सैन्य रूप से तो बहुत मजबूत होगा, लेकिन कूटनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ सकता है, जबकि चीन के कई नए मित्र देश होंगे।

 भारत के लिए सबक और भविष्य की राह :

 इस स्थिति को देखते हुए, भारत को भी 'यूएस बुलिंग' (US Bullying) से खुद को डी-रिस्क (De-risk) करना शुरू कर देना चाहिए। हमें डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी, आरबीआई की होल्डिंग में सोना बढ़ाना होगा और यूरोपीय संघ जैसे अन्य भागीदारों के साथ अपने व्यापार को विविधता देनी होगी।

कनाडा :

कनाडा उत्तरी अमेरिका में स्थित एक विकसित और बहुसांस्कृतिक देश है। इसकी राजधानी ओटावा है, जबकि टोरंटो, वैंकूवर और मॉन्ट्रियल इसके प्रमुख शहर हैं। कनाडा दुनिया का क्षेत्रफल के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा देश है।

यह देश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झीलों, पहाड़ों और घने जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। कनाडा की अर्थव्यवस्था मजबूत है और यह शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है।

कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों, मानवाधिकारों और शांति-प्रिय नीति के लिए जाना जाता है। यहां अंग्रेज़ी और फ़्रेंच दोनों आधिकारिक भाषाएं हैं और यह देश प्रवासियों के लिए सबसे पसंदीदा देशों में से एक है।

 

(समापन) भू-राजनीति की यह बदलती लहर दुनिया का नक्शा बदल सकती है। देखते हैं आगे क्या होता है। धन्यवाद!

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