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मुंबई कोई केक नहीं है जिसे टुकड़ों में काटकर अलग किया जा सके।

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SAURABH TRIPATHI

Jan 13, 2026 • 26 Views

मुंबई कोई केक नहीं है जिसे टुकड़ों में काटकर अलग किया जा सके।

यह रहा एक राजनीतिक भाषण/वीडियो स्क्रिप्ट (Political Speech/Video Script) जो आपके द्वारा प्रदान किए गए स्रोतों में एकनाथ शिंदे के साक्षात्कार पर आधारित है:

शीर्षक: मुंबई के विकास और पहचान का संकल्प

(दृश्य: एकनाथ शिंदे एक सभा को संबोधित कर रहे हैं या कैमरे के सामने बोल रहे हैं)

एकनाथ शिंदे:

मेरे प्यारे मुंबईवासियों,

आने वाले नगर निगम चुनाव केवल वोट के बारे में नहीं हैं, बल्कि मुंबई के भविष्य के बारे में हैं। आज कुछ लोग मराठी अस्मिता के नाम पर डर का माहौल बना रहे हैं। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ—मुंबई कोई केक नहीं है जिसे टुकड़ों में काटकर अलग किया जा सके। कोई भी मुंबई को महाराष्ट्र से अलग नहीं कर सकता, यह शिवसेना का अटूट स्टैंड है।

ठाकरे गठबंधन पर प्रहार करते हुए मैं कहना चाहता हूँ कि वे केवल चुनावों के दौरान 'मराठी कार्ड' खेलते हैं और चुनाव खत्म होते ही मराठियों को भूल जाते हैं। उनके लिए मराठी पहचान केवल सुविधा की राजनीति है। वे पूछते हैं कि कोस्टल रोड का श्रेय किसे मिलना चाहिए? सच तो यह है कि कोस्टल रोड परियोजना तभी शुरू हुई जब केंद्र और राज्य में भाजपा-शिवसेना की सरकार आई। 1990 के दशक से लंबित इस प्रोजेक्ट को देवेंद्र फडणवीस जी ने 2014 में गति दी और सभी आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त कीं।

हमारी सरकार 'स्पीड ब्रेकर' नहीं है। महाविकास अघाड़ी (MVA) के समय जो प्रोजेक्ट रुके हुए थे, जैसे कि मेट्रो लाइन 3, उन्हें हमने 2022 में सत्ता में आते ही फिर से शुरू किया। उन्होंने भ्रष्टाचार किया, जबकि हमने काम किया।

हमारी उपलब्धियाँ और वादे:

  • मुंबई का अगला मेयर महायुति से एक 'मराठी मेयर' होगा
  • हमने 10,000 से 12,000 मिल मजदूरों को घर दिए हैं और 1 लाख और घर देने का लक्ष्य है।
  • हमने मुंबई को 'पगड़ी-मुक्त' (pagdi-free) बनाने का निर्णय लिया है और क्लस्टर विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
  • मेट्रो नेटवर्क का विस्तार और सीमेंट कंक्रीट की सड़कों का निर्माण तेजी से जारी है।

विपक्ष उद्योगपतियों पर हमला करता है, लेकिन सत्ता में रहते हुए उन्होंने ही धारावी पुनर्विकास और नवी मुंबई हवाई अड्डे का काम अडानी समूह को सौंपा था। यह दोहरा मापदंड अब जनता के सामने स्पष्ट है।

हमें विकास और रचनात्मक कार्य के लिए वोट चाहिए, न कि केवल भावनात्मक भाषणों के लिए। महायुति का लक्ष्य स्पष्ट है—मुंबई का सर्वांगीण विकास।

जय हिन्द, जय महाराष्ट्र!

अतिरिक्त जानकारी (स्रोतों के बाहर से): यह स्क्रिप्ट विशुद्ध रूप से आपके द्वारा दिए गए साक्षात्कार के अंशों पर आधारित है। राजनीतिक संदर्भों की सटीकता के लिए आप स्वतंत्र रूप से अन्य समाचारों की पुष्टि कर सकते हैं क्योंकि यह एक चुनावी माहौल का चित्रण है।

एक सरल उपमा: मुंबई का विकास एक मैराथन की तरह है, जहाँ जीत केवल जोश से नहीं, बल्कि सही योजना और निरंतर दौड़ने (काम करने) से मिलती है, जैसा कि शिंदे जी ने ठप पड़े प्रोजेक्ट्स को दोबारा शुरू करने के संदर्भ में कहा है।

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