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इंसान प्यार के लिए क्यों जीते और मरते हैं?

K

KIRTI

Jan 11, 2026 29
इंसान प्यार के लिए क्यों जीते और मरते हैं?

जो प्रेम के वैज्ञानिक और विकासवादी पहलुओं को समझाता है।

 एक अस्पताल का कमरा। एक पति अपनी बीमार पत्नी का हाथ धीरे से सहला रहा है।)

 हम इंसान एक अनोखे जीव हैं। हमारे अंतरंग रिश्ते हमें स्थिरता, सुरक्षा और आश्वासन देते हैं, खासकर तब जब हम दर्द में होते हैं। यह केवल भावना नहीं है, बल्कि हमारा विकास (Evolution) हमें आत्मीयता के लिए तैयार करता है।

 स्क्रीन पर वैज्ञानिक ग्राफिक्स चलते हैं, जिसमें 'ऑक्सीटोसिन' (Oxytocin) और प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को दिखाया जाता है।)

 क्या आप जानते हैं कि प्यार वास्तव में सबसे अच्छी दवा है?। शोध बताते हैं कि स्वस्थ और सकारात्मक रिश्ते हमारे शरीर में ऑक्सीटोसिन के स्तर को बढ़ाते हैं, जो सूजन (inflammation) को कम करते हैं और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (immune function) में सुधार करते हैं। यहाँ तक कि हमारे पेट के माइक्रोबायोम का स्वास्थ्य भी हमारे रिश्तों पर निर्भर कर सकता है।

 

 जब कोई गंभीर बीमारी आती है, तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि एक "हम-बीमारी" (we-disease) बन जाती है। बीमारी न केवल शरीर को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि रिश्तों को भी प्रभावित करती है। लेकिन अगर साथी का साथ हो, तो जीवित रहने की संभावना 50 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। यहाँ सबसे महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आपका साथी हमेशा उपलब्ध है, बल्कि यह अहसास है कि जरूरत पड़ने पर वह आपके साथ होगा।

हमारे पूर्वजों की सफलता का राज 'देखभाल' (Caring) और 'साझा करना' (Sharing) था। भोजन और बच्चों की देखभाल साझा करने से ही इंसान बड़े दिमाग विकसित कर पाया और एक जटिल सामाजिक संरचना बनाई। जहाँ अन्य जानवर अक्सर बीमारी देख कर भाग जाते हैं, वहीं इंसान अपने साथी के साथ "बीमारी और तंदुरुस्ती" में खड़ा रहता है।

सूत्रधार: अंततः, आत्मीयता हमें ठीक होने और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करती है। प्यार के लिए जीना और मरना ही हमारी मानवता की सबसे बड़ी पहचान है।

 

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