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रहमान ने अपने दो ऑस्कर अवॉर्ड्स को एक "बोझ" (burden) बताया है

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KIRTI

Jan 19, 2026 46
रहमान ने अपने दो ऑस्कर अवॉर्ड्स को एक "बोझ" (burden) बताया है

संगीत की दुनिया के जादूगर ए.आर. रहमान इन दिनों अपनी एक टिप्पणी को लेकर चर्चा में हैं। जहाँ दुनिया भर के कलाकार ऑस्कर जीतने का सपना देखते हैं, वहीं रहमान ने अपने दो ऑस्कर अवॉर्ड्स को एक "बोझ" (burden) बताया है

(मुख्य भाग: दबाव और उम्मीदें) एक हालिया इंटरव्यू में रहमान ने खुलासा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के बाद उन पर खुद को बार-बार साबित करने का जबरदस्त दबाव और तनाव रहता है। उनका मानना है कि ग्लोबल सफलता के साथ लोगों की उम्मीदें इतनी बढ़ जाती हैं कि उन्हें हर बार अपने पिछले काम से बेहतर प्रदर्शन करना पड़ता है। रहमान के अनुसार, "यह सोचना कि मैंने दो ऑस्कर जीते हैं, आपकी प्रेरणा (motivation) को खत्म कर देता है"।

ए. आर. रहमान भारत के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित संगीतकार, गायक, संगीत निर्माता और कंपोज़र हैं। उनका पूरा नाम अल्ला रक्खा रहमान है। उनका जन्म 6 जनवरी 1967 को चेन्नई (तमिलनाडु) में हुआ।

1992 में फिल्म “रोज़ा (Roja)” से उन्हें बड़ी पहचान मिली।

इसके बाद उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु समेत कई भाषाओं की फिल्मों में संगीत दिया।

फिल्म “Slumdog Millionaire” (2008) के लिए

2 ऑस्कर अवॉर्ड

2 ग्रैमी अवॉर्ड

उनकी धुनें भारतीय संगीत को वैश्विक मंच पर ले गईं।

पद्म श्री (2000)

पद्म भूषण (2010)

पद्म विभूषण (2017)

कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड

(पुरानी यादें और 'गैसलाइटिंग')

 रहमान ने यह भी साझा किया कि वे अक्सर पुराने दौर की यादों (nostalgia) के जरिए 'गैसलाइट' महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि जब 90 के दशक की पीढ़ी उनसे मिलकर रोजा (1992) जैसे उनके पुराने काम की तारीफ करती है, तो उन्हें ऐसा महसूस कराया जाता है जैसे उनका मौजूदा संगीत अच्छा नहीं है। रहमान का कहना है कि यह उनकी सोच और आत्मविश्वास (self-esteem) को नुकसान पहुँचाता है।

(2026: एक नई शुरुआत) 

अपने आत्मविश्वास को फिर से हासिल करने के लिए रहमान ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपने ट्विटर और इंस्टाग्राम बायो से ऑस्कर और ग्रैमी जैसे सभी पुरस्कारों का ज़िक्र हटा दिया है। वे 2026 को एक "नई शुरुआत" (fresh start) के तौर पर देख रहे हैं, जहाँ वे अतीत की उपलब्धियों पर निर्भर रहने के बजाय भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

(हालिया विवाद और समर्थन) 

यह बयान एक ऐसे समय में आया है जब रहमान अपनी "सांप्रदायिक" (communal) टिप्पणी को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। उन्होंने कहा था कि बॉलीवुड में उनका काम कम होने के पीछे "सांप्रदायिक कारण" हो सकते हैं, जिसका कंगना रनौत जैसी हस्तियों ने विरोध किया, जबकि जावेद अख्तर और परेश रावल जैसे सितारों ने उनका बचाव किया है।

(निष्कर्ष) विवादों के बावजूद, रहमान के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। वे जल्द ही नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में दिग्गज संगीतकार हंस जिमर और डॉ. कुमार विश्वास के साथ काम करते नजर आएंगे।

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