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ब्रह्मांड का सबसे तेज़ 'सुपर रोटेटर' एस्टेरॉयड

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SAURABH TRIPATHI

Jan 12, 2026 • 30 Views

ब्रह्मांड का सबसे तेज़ 'सुपर रोटेटर' एस्टेरॉयड

 नमस्ते! आज हम अंतरिक्ष विज्ञान की एक ऐसी खोज के बारे में बात करेंगे जिसने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। चिली में स्थित वेरा सी. रुबिन ऑब्जर्वेटरी (Vera C. Rubin Observatory) ने दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल कैमरे की मदद से एक विशाल एस्टेरॉयड की पहचान की है, जिसका नाम 2025 MN45 है,।

 इस खोज के पीछे 3,200-मेगापिक्सेल वाले LSST कैमरे का हाथ है। यह कैमरा इतना शक्तिशाली है कि यह हर 40 सेकंड में अंतरिक्ष की एक उच्च-गुणवत्ता वाली तस्वीर ले सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह कैमरा ब्रह्मांड के उन रहस्यों को उजागर करेगा जिनके बारे में हम पहले कभी नहीं जानते थे।

 एस्टेरॉयड 2025 MN45 इस एस्टेरॉयड का आकार लगभग आठ फुटबॉल मैदानों (लगभग आधा मील व्यास) के बराबर है,। लेकिन इसकी सबसे खास बात इसकी गति है। यह अपनी श्रेणी का अब तक का सबसे तेज़ घूमने वाला (fastest spinning) एस्टेरॉयड है। जहाँ अन्य एस्टेरॉयड को घूमने में घंटों लगते हैं, वहीं 2025 MN45 अपना एक चक्कर केवल 1.88 मिनट में पूरा कर लेता है।

 यह खोज महत्वपूर्ण क्यों है? :

 वैज्ञानिकों के अनुसार, अधिकांश एस्टेरॉयड "मलबे के ढेर" (rubble piles) की तरह होते हैं जो गुरुत्वाकर्षण द्वारा एक साथ टिके रहते हैं,। लेकिन इतनी तेज़ गति से घूमने के लिए किसी भी वस्तु को बहुत मजबूत होना पड़ता है। 2025 MN45 की गति यह संकेत देती है कि यह ठोस चट्टान (solid rock) जैसी किसी बहुत ही मजबूत सामग्री से बना है, अन्यथा यह टुकड़ों में बिखर जाता। यह संभवतः किसी बहुत पुराने टकराव का एक हिस्सा हो सकता है।

 निष्कर्ष : रुबिन ऑब्जर्वेटरी ने अपनी शुरुआती जांच में ही 1,900 नए एस्टेरॉयड खोज निकाले हैं। आने वाले 10 वर्षों में, यह ऑब्जर्वेटरी रात-दिन हमारे ब्रह्मांड का डेटा एकत्र करेगी, जिससे हमें सौर मंडल के इतिहास और इसकी संरचना के बारे में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी,।

एक सरल तुलना: 

इसे इस तरह समझें: यदि अधिकांश एस्टेरॉयड रेत के ढीले गोलों की तरह हैं जो धीरे-धीरे घूमते हैं, तो 2025 MN45 एक पत्थर के उस लट्टू की तरह है जो इतनी तेज़ गति से नाच रहा है कि वह अपनी मजबूती के कारण ही खुद को बिखरने से बचाए हुए है,।

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