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मिट्टी के नीचे दबा हुआ 900 साल पुराना सोने का एक कलश मिला है।

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NEELU TRIPATHI

Jan 14, 2026 • 31 Views

मिट्टी के नीचे दबा हुआ 900 साल पुराना सोने का एक कलश मिला है।

लक्कुंडी का 'खजाना' या परिवार की अमानत?

 कर्नाटक के गडग जिले के लक्कुंडी गाँव से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जहाँ एक परिवार अपने नए घर की नींव खोद रहा था, उन्हें वहां मिट्टी के नीचे दबा हुआ 900 साल पुराना सोने का एक कलश मिला है।, लेकिन अब इस सोने के मालिकाना हक को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

 गाँव के एक घर के बाहर खुदाई वाली जगह का फुटेज। तांबे के बर्तन में रखे सोने के गहनों की तस्वीरें

लक्कुंडी गाँव की निवासी गंगाव्वा बसवराज रिट्टी जब अपने घर के निर्माण के लिए खुदाई करवा रही थीं, तब उन्हें तांबे के एक बर्तन में रखे सोने के कई गहने मिले। पुरातत्व विभाग को तुरंत इसकी सूचना दी गई। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सोना करीब 470 ग्राम वजनी है।

पुरातत्व विभाग के अधिकारी का साक्षात्कार या उनकी टिप्पणी का ग्राफिक

हालांकि, शुरुआत में इसे बड़ा खजाना माना जा रहा था, लेकिन पुरातत्व विभाग के अधीक्षक (धारवाड़ सर्कल) रमेश मुलीमनी ने स्थिति स्पष्ट की है। उनका कहना है कि इसमें कोई सोने के सिक्के नहीं हैं, जिसका मतलब है कि यह कोई राजकीय खजाना नहीं बल्कि साधारण घरेलू गहने हैं।

पुरातत्व विशेषज्ञ :

 "पुराने समय में लोग सुरक्षा के लिए अपने गहने रसोई के चूल्हे के पास गाड़ देते थे। डिजाइन के आधार पर, शोधकर्ता अप्पन्ना हन्जे का मानना है कि ये 11वीं या 12वीं शताब्दी के हो सकते हैं।",

 अब वह परिवार, जिसने यह सोना खोजा है, एक बड़ी दुविधा में है। उनका कहना है कि यदि सरकार इसे ऐतिहासिक खजाना नहीं मानती, तो यह उनके पूर्वजों की अमानत है और उन्हें वापस मिलनी चाहिए।

परिवार का बयान (संवाद): "हमें सोना नहीं चाहिए। सरकार या तो हमें एक घर बना कर दे, या फिर जैसा कि अधिकारी कह रहे हैं कि यह खजाना नहीं है, तो हमारे दादा-परदादा के ये गहने हमें लौटा दिए जाएं।"

 

इस मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गडग जिले के पुलिस अधीक्षक रोहन जगदीश से इस खोज का पूरा विवरण माँगा है। फिलहाल सोना सरकार की हिरासत में है और विशेषज्ञ स्मिता रेड्डी जल्द ही साइट का दौरा कर इन गहनों की सही उम्र और काल का पता लगाएंगी।

 

 लक्कुंडी कभी एक समृद्ध व्यापारिक केंद्र था, जहाँ कई मंदिर और शिलालेख पाए गए हैं।, अब देखना यह होगा कि सरकार इन 900 साल पुराने गहनों को ऐतिहासिक धरोहर मानकर संग्रहालय में रखती है या इन्हें वापस परिवार को सौंपा जाता है।, देखते रहिए हमारी विशेष रिपोर्ट।

 

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