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खाड़ी क्षेत्र में बदलती कूटनीति: क्या भारत पिछड़ रहा है?

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SAURABH TRIPATHI

Jan 15, 2026 • 36 Views

खाड़ी क्षेत्र में बदलती कूटनीति: क्या भारत पिछड़ रहा है?

खाड़ी क्षेत्र में बदलती कूटनीति: क्या भारत पिछड़ रहा है?

आज हम खाड़ी क्षेत्र (Gulf region) में हो रहे एक बड़े रणनीतिक बदलाव की चर्चा करेंगे। दशकों से खाड़ी देशों के साथ भारत के रिश्ते मजबूत रहे हैं, लेकिन अब चीन और पाकिस्तान इस क्षेत्र में भारत के रणनीतिक और आर्थिक प्रभाव को चुनौती दे रहे हैं। क्या भारत की 'प्रायोगिक' (pragmatic) और 'लेन-देन' वाली नीति अब सीमित साबित हो रही है?

 भारत की आर्थिक ताकत और प्रवासी भारतीयों की भूमिका) विशेषज्ञ 1 (आर्थिक विश्लेषक):

 इसमें कोई शक नहीं कि भारत के आर्थिक संबंध अभी भी बहुत मजबूत हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ भारत का व्यापार 2025 में 100 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। इसके अलावा, खाड़ी देशों में लगभग 90 से 100 लाख (9-10 million) भारतीय रहते हैं, जो हर साल 38 से 50 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा (remittances) भारत भेजते हैं। भारत की रणनीति हमेशा से 'हेजिंग' (hedging) की रही है—यानी खुद को प्रासंगिक रखना लेकिन किसी सैन्य विवाद में न पड़ना।

 चीन का बढ़ता दखल और मध्यस्थता) विशेषज्ञ 2 (भू-राजनीतिक विश्लेषक): 

भारत के विपरीत, चीन अब केवल एक व्यापारिक भागीदार नहीं रह गया है। चीन ने खुद को एक मध्यस्थ (mediator) के रूप में स्थापित किया है, जैसा कि हमने 2023 में सऊदी अरब और ईरान के बीच उनके ऐतिहासिक समझौते में देखा। चीन हरित ऊर्जा (Green Energy) क्षेत्र में भी भारी निवेश कर रहा है, जहाँ चीनी कंपनियों ने UAE और सऊदी अरब में लगभग 9.5 अरब डॉलर का निवेश किया है। जहाँ भारत अभी भी जीवाश्म ईंधन (fossil fuels) पर निर्भर है, चीन भविष्य की तकनीक में आगे निकल रहा है।

 पाकिस्तान का सैन्य कार्ड और सुरक्षा भागीदारी) विशेषज्ञ 3 (सुरक्षा विश्लेषक):

 पाकिस्तान आर्थिक रूप से कमजोर हो सकता है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में उसकी सैन्य शक्ति उसका सबसे बड़ा हथियार है। सितंबर 2025 में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच 'सामरिक पारस्परिक रक्षा समझौता' (SMDA) हुआ, जो एक देश पर हमले को दोनों पर हमला मानता है। पाकिस्तान ने गाजा (Gaza) में शांति सेना के लिए 3,500 सैनिकों की तैनाती का प्रस्ताव भी दिया है, जो उसे एक महत्वपूर्ण सुरक्षा खिलाड़ी बनाता है। भारत ऐतिहासिक रूप से ऐसी सैन्य भागीदारी से बचता आया है।

निष्कर्ष 

 खाड़ी क्षेत्र अब बदल रहा है। यह अब केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं है, बल्कि एक बहुध्रुवीय (multipolar) व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। भारत का प्रभाव वर्तमान में आर्थिक और प्रवासियों तक सीमित है, जबकि चीन कूटनीति में और पाकिस्तान सुरक्षा के क्षेत्र में खाली जगहों को भर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को अपनी बढ़त बनाए रखनी है, तो उसे अपनी 'सावधानीपूर्ण' नीति से आगे बढ़कर कुछ साहसी कदम उठाने होंगे।

 

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