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वापसी को बेताब – विश्वनाथन आनंद

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sports Desk

Jan 12, 2026 • 30 Views

वापसी को बेताब – विश्वनाथन आनंद

वापसी की भूख – विश्वनाथन आनंद

स्थान: कोलकाता, टाटा स्टील चेस इंडिया रैपिड एंड ब्लिट्ज़ टूर्नामेंट 2026।

एक एम्बेसडर की कशमकश

विश्वनाथन आनंद : पिछले कुछ सालों से मैं यहाँ एक एम्बेसडर के रूप में आ रहा हूँ। शुरू में यह मज़ेदार था, लेकिन पिछले साल मुझे अहसास हुआ कि मैं अपनी सीमा तक पहुँच चुका हूँ। मैं बस खड़े होकर देखते रहने से तंग आ गया (fed up) था। खेलना, केवल देखते रहने से कहीं अधिक आसान है।

 वापसी की कठिन राह

विश्वनाथन आनंद (स्वयं से): 56 की उम्र में युवा पीढ़ी को चुनौती देना आसान नहीं है। सात-आठ महीने शतरंज न खेलने के बाद, आप मानसिक आकार (mental shape) खो देते हैं। कमेंट्री करना एक बात है, लेकिन खुद खेलना और यह तय करना कि कौन सी 'ओपनिंग' खेलनी है, यह सब भूलने जैसा होता है।

 तैयारी का सिलसिला

विश्वनाथन आनंद: मैंने देर करने के बजाय खेलने का फैसला किया। मैंने जीएम संदीपन चंदा (GM Sandipan Chanda) से तैयारी के लिए सलाह ली। यरूशलेम मास्टर्स और GCL ने मुझे लय में आने और 'चेस-प्लेइंग ज़ोन' में पहुँचने में मदद की।

 कोलकाता का मुकाबला (अंतिम दिन)

विश्वनाथन आनंद (वॉयसओवर): पहले दो दिनों तक मैं बढ़त में था। खिताब जीतने के लिए मुझे आखिरी गेम में निहाल सरीन को हराना था। लेकिन मैंने सुरक्षित खेल (draw) को चुना। मैं कुछ बहुत बड़ा जोखिम लेने के मूड में नहीं था। वेस्ली सो जैसे मजबूत खिलाड़ी का 15 चालों में हारना मेरे लिए आश्चर्यजनक था, और अंत में मैंने कोई बड़ा जोखिम न लेते हुए दूसरा स्थान सुरक्षित करना ही बेहतर समझा।

भविष्य की ओर

विश्वनाथन आनंद: 2026 का मेरा शेड्यूल अभी तय होना बाकी है, लेकिन मुझे उम्मीद है कि पिछले साल के कई निमंत्रण फिर से मिलेंगे। खेल अभी खत्म नहीं हुआ है।

अस्वीकरण: इस पटकथा में दी गई जानकारी पूरी तरह से आपके द्वारा प्रदान किए गए स्रोतों पर आधारित है।

एनालॉजी (Analogy): 

आनंद की वापसी एक ऐसे अनुभवी संगीतकार की तरह है जो सालों बाद मंच पर लौटता है; हालाँकि उंगलियाँ थोड़ी धीमी हो सकती हैं, लेकिन वर्षों का अनुभव और ताल की समझ उसे आज भी महफिल का सितारा बनाए रखती है।

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