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सुधा चंद्रन: 'माता की चौकी' में गहरी आध्यात्मिक स्थिति (Spiritual Trance) में

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KIRTI

Jan 05, 2026 16
सुधा चंद्रन: 'माता की चौकी' में गहरी आध्यात्मिक स्थिति (Spiritual Trance) में

सुधा चंद्रन: 'माता की चौकी' में गहरी आध्यात्मिक स्थिति (Spiritual Trance) में दिखीं अभिनेत्री; वायरल वीडियो ने प्रशंसकों को चिंता में डाला

भारतीय टेलीविजन की जानी-मानी अभिनेत्री और नृत्यांगना सुधा चंद्रन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक अत्यंत गहरी आध्यात्मिक स्थिति (spiritual trance) में दिखाई दे रही हैं।

घटना का विवरण:

• यह वीडियो रविवार, 4 जनवरी 2026 को सामने आया, जिसने सोशल मीडिया यूजर्स को हैरान कर दिया।

• वीडियो में 'नागिन' फेम अभिनेत्री एक 'माता की चौकी' में मौजूद थीं, जहाँ वे पूरी तरह से भक्ति में लीन नजर आईं।

• वहाँ मौजूद अन्य भक्त उन्हें संभालने और शांत करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अपनी सुध-बुध खो चुकीं सुधा चंद्रन को वापस चेतना (होश) में आने में काफी समय लगा

सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया: इस घटना के वीडियो इंटरनेट पर फैलते ही प्रशंसकों ने चिंता व्यक्त की है। 'इंस्टेंट बॉलीवुड' के पोस्ट पर एक यूजर ने लिखा, "उम्मीद है कि वह अब ठीक होंगी," वहीं अन्य लोगों ने उनके स्वास्थ्य के बारे में सवाल पूछे और 'जय माता दी' लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

सुधा चंद्रन का प्रेरणादायक सफर: स्रोतों के अनुसार, सुधा चंद्रन का जीवन संघर्ष और सफलता की एक अद्भुत मिसाल है:

नृत्य और दुर्घटना: उन्होंने मात्र 3 साल की उम्र से नृत्य सीखना शुरू कर दिया था। एक दुर्घटना में अपना पैर खोने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कृत्रिम पैर (prosthetic leg) की सहायता से भरतनाट्यम नृत्यांगना और अभिनेत्री के रूप में अपनी पहचान दोबारा बनाई।

अभिनय करियर: वे 'नागिन', 'क्यूंकी सास भी कभी बहू थी', 'कस्तूरी' और 'कहीं किसी रोज़' जैसे धारावाहिकों के जरिए घर-घर में प्रसिद्ध हुईं। उनके जीवन पर आधारित फिल्म 'मयूरी' और उसका हिंदी रीमेक 'नाचे मयूरी' काफी चर्चित रहे हैं।

निजी जीवन: सुधा चंद्रन मुंबई के एक तमिल परिवार से हैं। उनके पिता के.डी. चंद्रन भी एक अभिनेता थे। उन्होंने 1994 में पंजाबी सहायक निर्देशक रवि डांग से विवाह किया; इस दंपति ने अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए संतान न होने का निर्णय लिया था।

सुधा चंद्रन का व्यक्तित्व एक 'फीनिक्स' की तरह है, जिसने अपनी शारीरिक बाधाओं की राख से उठकर न केवल कला की दुनिया में अपनी जगह बनाई, बल्कि अपनी गहरी आस्था से भी लोगों को प्रभावित किया है।

सुधा चंद्रन का करियर

अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने 'नागिन', 'क्यूंकी सास भी कभी बहू थी', 'कस्तूरी' और 'कहीं किसी रोज़' जैसे धारावाहिकों में अपनी भूमिकाओं के साथ भारत के हर घर में अपनी पहचान बनाई है। वह एक प्रतिभाशाली नृत्यांगना हैं। उन्होंने 3 साल की उम्र में ही नृत्य सीखना शुरू कर दिया था। एक दुर्घटना में अपना पैर खोने के बाद, सुधा चंद्रन ने प्रोस्थेटिक पैर (कृत्रिम पैर) की मदद से भरतनाट्यम नृत्यांगना और अभिनेत्री के रूप में शानदार वापसी की।

उन्होंने अपने स्वयं के जीवन की कहानी पर आधारित फिल्म 'मयूरी' और बाद में इसके हिंदी रीमेक 'नाचे मयूरी' में अभिनय किया। उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और मराठी फिल्मों में भी काम किया है।

सुधा चंद्रन का परिवार

सुधा चंद्रन मुंबई के एक तमिल परिवार से आती हैं। उनके पिता के.डी. चंद्रन (एक अभिनेता) और माँ थंगम हैं, साथ ही उनके भाई-बहन जया, राजी और विजय हैं। खबरों के अनुसार, अभिनेत्री ने पारिवारिक विरोध के चलते 1994 में पंजाबी सहायक निर्देशक रवि डांग से शादी की थी। उनकी कोई संतान नहीं है, क्योंकि उन्होंने अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करने का विकल्प चुना।

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सुधा चंद्रन का जीवन उस ध्रुव तारे की तरह है जो विपरीत परिस्थितियों के अंधेरे में भी अपनी चमक नहीं खोता और दूसरों को आगे बढ़ने की राह दिखाता है।

 

 

 

 

 

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