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अमिताभ बच्चन का छलका दर्द: बढ़ती उम्र, पछतावा और सीखने की घटती चाहत

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SAURABH TRIPATHI

Jan 17, 2026 45
अमिताभ बच्चन का छलका दर्द: बढ़ती उम्र, पछतावा और सीखने की घटती चाहत

अमिताभ बच्चन का छलका दर्द: बढ़ती उम्र, पछतावा और सीखने की घटती चाहत

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन अक्सर अपने ब्लॉग के ज़रिए अपने प्रशंसकों के साथ अपने दिल की बात साझा करते हैं। हाल ही में, उन्होंने ग्लैमर की चकाचौंध से परे अपने जीवन के कुछ गहरे पहलुओं—जैसे पछतावा, उम्र का बढ़ना और तेज़ी से बदलती दुनिया—पर खुलकर बात की है।

सीखने की उम्र और पछतावा 83 वर्षीय अभिनेता ने अपने ब्लॉग में साझा किया कि उन्हें इस बात का अफ़सोस है कि उन्होंने जीवन के कुछ पहलुओं को बहुत पहले नहीं सीखा। उन्होंने लिखा, "हर दिन एक नई सीख है.. और पछतावा यह है कि जिसे अब सीखा जा रहा है, उसे कई साल पहले सीख लिया जाना चाहिए था"। बच्चन साहब का मानना है कि उम्र और समय के साथ सीखने की इच्छा, प्रयास और ऊर्जा कम होने लगती है

तेज़ी से बदलती तकनीक बदलती प्रणालियों और तकनीकों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज आविष्कारों की गति इतनी तेज़ है कि जब तक आप किसी चीज़ को सीखना शुरू करते हैं, उसका समय निकल चुका होता है।

अपनी सीमाओं को स्वीकार करना और 'आउटसोर्सिंग' अमिताभ बच्चन ने अपनी सीमाओं को स्वीकार करने के महत्व पर ज़ोर दिया है। उन्होंने हाल की बैठकों से यह सीखा कि यदि आप किसी विशिष्ट कार्य को करने के लिए योग्य नहीं हैं, तो उस काम को न करने के बजाय विशेषज्ञों और प्रतिभाशाली लोगों की मदद लेना बेहतर है।

दिलचस्प बात यह है कि इस विचार को व्यक्त करने के लिए सही शब्द खोजने में AI (ChatGPT) ने उनकी मदद की। जब उन्हें "आउटसोर्सिंग" (outsourcing) शब्द मिला, तो उन्होंने अपनी ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए लिखा, "BAADUMBAAA !!!!"।

काम की अगली पारी काम के मोर्चे पर, अमिताभ बच्चन ने हाल ही में 'कौन बनेगा करोड़पति' सीजन 17 की शूटिंग पूरी की है। उन्हें आखिरी बार बड़े पर्दे पर रजनीकांत के साथ फिल्म 'वेट्टैयान' में देखा गया था और वह जल्द ही 'कल्कि 2898 AD' पार्ट 2 में नज़र आने वाले हैं।

अमिताभ बच्चन हिंदी सिनेमा के सबसे महान और प्रभावशाली अभिनेताओं में से एक हैं। उनका जन्म 11 अक्टूबर 1942 को प्रयागराज में हुआ था। अपनी बुलंद आवाज़, दमदार अभिनय और अनुशासन के कारण उन्हें “सदी का महानायक” कहा जाता है।

उन्होंने ज़ंजीर, शोले, दीवार, अग्निपथ, ब्लैक, पा जैसी सैकड़ों यादगार फिल्मों में काम किया है। अभिनय के साथ-साथ वे टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति के माध्यम से भी हर घर में लोकप्रिय हैं।

अमिताभ बच्चन न सिर्फ एक अभिनेता हैं, बल्कि भारतीय सिनेमा की एक जीवित किंवदंती हैं, जिनकी मेहनत और समर्पण आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है।

अमिताभ बच्चन की सबसे बेहतरीन फिल्म मानी जाती है “शोले” (1975)

इस फिल्म में उन्होंने जय का किरदार निभाया, जो दोस्ती, बलिदान और साहस का प्रतीक बन गया। शोले सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा का इतिहास है। इसमें अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की दोस्ती, गब्बर सिंह जैसा खलनायक और यादगार संवाद आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं।

शोले ने अमिताभ बच्चन को “एंग्री यंग मैन” की छवि से आगे बढ़ाकर उन्हें एक सुपरस्टार बना दिया और यह फिल्म आज भी भारत की सबसे महान फिल्मों में गिनी जाती है।

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