Menu
Select Language
EN
HI

स्मार्ट मीटरों के कारण उपभोक्ताओं को हो रही समस्याओं

S

SAURABH TRIPATHI

Jan 07, 2026 • 9 Views

स्मार्ट मीटरों के कारण उपभोक्ताओं को हो रही समस्याओं

आज हम बात कर रहे हैं रायबरेली की, जहाँ बिजली विभाग द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए राहत के बजाय परेशानी का सबब बन गए हैं। विभाग का दावा था कि इन मीटरों से बिल संबंधी समस्याओं से निजात मिलेगी, लेकिन हकीकत इसके उलट है। महीनों से बिल न मिलने के कारण उपभोक्ता बिजली दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

 फील्ड रिपोर्ट - रिपोर्टर और परेशान उपभोक्ता

 मैं इस समय रायबरेली की जवाहर विहार कॉलोनी में हूँ। यहाँ के निवासी कार्यदायी संस्था की लापरवाही से बेहद परेशान हैं। आइए जानते हैं उपभोक्ताओं का क्या कहना है।

उपभोक्ता 1 (सत्य प्रकाश, सोनिया नगर): 

"मेरे यहाँ अगस्त में स्मार्ट मीटर लगा था। सितंबर से अब तक मुझे एक भी बिल नहीं मिला है। मैंने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ"।

उपभोक्ता 2 (सीमा वाजपेयी, जवाहर विहार):

 "मीटर बदले हुए चार महीने बीत चुके हैं। बिल के लिए मैं बार-बार कार्यालय जा रही हूँ, पर वहाँ से कोई ठोस जवाब नहीं मिलता"।

 अन्य इलाकों की स्थिति

 समस्या सिर्फ शहर तक सीमित नहीं है। बछरावां कस्बे की प्रज्ञा देवी का कहना है कि ढाई महीने से बिल न बनने के कारण अब उन्हें डर है कि एक साथ बड़ा बिल आने पर उसे जमा करना मुश्किल हो जाएगा। यही हाल मोहन प्रसाद का भी है, जो एसडीओ से लेकर उच्चाधिकारियों तक की चौखट खटखटा चुके हैं।

 विभाग का पक्ष

जब इस बारे में मुख्य अभियंता से बात की गई, तो उन्होंने आश्वासन दिया है। मुख्य अभियंता (रामकुमार): "हमने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पुराने मीटरों का डेटा समय पर ऑनलाइन दर्ज करें और उपभोक्ताओं की शिकायतों का तुरंत निस्तारण करें"।

 अब देखना यह है कि विभाग की यह सुस्ती कब खत्म होती है और रायबरेली की जनता को इस 'स्मार्ट' मुसीबत से कब छुटकारा मिलता है। 

एक छोटी सा तुलना (Analogy): 

यह स्थिति वैसी ही है जैसे किसी को 'डिजिटल घड़ी' तो दे दी जाए, लेकिन उसमें सेल (सेल/बैटरी) न हो; उपभोक्ता को पता तो है कि समय बीत रहा है, लेकिन वह उसे देख नहीं पा रहा और अंत में उसे भारी हर्जाना देना पड़ सकता है।

Discussion