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विराट कोहली का वडोदरा में क्लासिक पारी

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ANUJ

Jan 12, 2026 • 5 Views

विराट कोहली का वडोदरा में क्लासिक पारी

 वडोदरा के आसमान के नीचे, क्रिकेट प्रेमियों को एक बार फिर वही पुराना विराट कोहली देखने को मिला, जिसकी दुनिया दीवानी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में, जब भारत 301 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहा था, तब नौवें ओवर में कोहली की मैदान पर एंट्री हुई। उस समय स्कोर 39 पर 1 था।

 मैदान पर कोहली की बल्लेबाजी के शॉट्स का वर्णन :

नैरेटर: कोहली की 91 गेंदों में 93 रनों की पारी उनके पुराने 'क्लासिकल' अंदाज की याद दिलाती थी, जिसमें गुस्से का कोई स्थान नहीं था। उन्होंने बिना किसी जोखिम के सटीक ऑन-ड्राइव, कवर ड्राइव और पुल शॉट्स के साथ दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने हवाई मार्ग तभी चुना जब वह गणनात्मक (calculated) रूप से जरूरी था।

नैरेटर: उन्होंने शुभमन गिल के साथ 118 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसने भारत की जीत की नींव रखी। हालांकि कोहली अपने 54वें वनडे शतक से सिर्फ सात रन चूक गए और काइल जैमिसन की गेंद पर आउट हो गए, लेकिन तब तक भारत जीत की दहलीज देख चुका था।

 मैच के बाद कोहली का बयान :

कोहली: (ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए) "अनुभव वास्तव में काम आता है, लेकिन मुख्य बात टीम को जीत की स्थिति में पहुंचाना था। मेरा मूल विचार नंबर 3 पर बल्लेबाजी करना और कठिन परिस्थिति में बिना किसी असाधारण शॉट के जवाबी हमला करना है।"

 समापन :

नैरेटर: भारत ने यह रोमांचक मैच चार विकेट से जीता। न्यूजीलैंड के 300 रनों के जवाब में भारत ने 49वें ओवर में 306 रन बनाकर जीत हासिल की। केएल राहुल ने अंत में धैर्य बनाए रखा और भारत को सीरीज में 1-0 की बढ़त दिला दी। लेकिन यह रात पूरी तरह से कोहली के नाम रही, जिन्होंने साबित कर दिया कि उनकी 'पुरानी तकनीक' आज भी उतनी ही कारगर है।

अतिरिक्त जानकारी (स्रोतों के बाहर से): विराट कोहली को अक्सर 'चेज मास्टर' कहा जाता है क्योंकि लक्ष्य का पीछा करते समय उनका रिकॉर्ड असाधारण है। आप स्वतंत्र रूप से उनके करियर के आंकड़ों को सत्यापित कर सकते हैं।

एक छोटा सा उदाहरण (Analogy):

 कोहली की यह पारी एक महारथी संगीतकार की तरह थी, जिसने आधुनिक शोर-शराबे वाले संगीत के बजाय अपनी पुरानी क्लासिकल धुनों से महफिल जीत ली।

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